बाबासाहब के अनुयाई हो तो इस पोस्ट को जरुर पढ़े ।?आँसु जरूर बह जायेगा!!! 6 दिसम्बर 1956 बाबासाहब भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस ।। जय भीम जयभीम जयभीम राजधानी दिल्ली रात के 12 बजे थे! रात का सन्नाटा और अचानक दिल्ली, मुम्बई, नागपुर मे चारो और फोन की घंटीया बज उठी! राजभवन मौन था, संसद मौन थी, राष्ट्रपती भवन मौन था, हर कोई कस्म कस्म मे था! शायद कोई बडा हादसा हुआ था, या किसी बड़े हादसे या आपदा से कम नही था!!! कोई अचानक हमें छोडकर चला गया था! जिसके जाने से करोडो लोग दुःख भरे आँसुओं से विलाप कर रहे थे, देखते ही देखते मुम्बई की सारे सड़के भीड से भर गयी पैर रखने की भी जगह नही बची थी मुम्बई की सड़को पर क्योंकि पार्थिव शरीर मुम्बई लाया जाना था! और अंतिम संस्कार भी मुम्बई मे ही होना था!!! नागपुर, कानपुर, दिल्ली, चेन्नाई, मद्रास, बेंगलौर, पुणे, नाशीक और पुरे देश से मुम्बई आने वाली रैलगाडीयो और बसो मे बैठने को जगह नही थी! सब जल्द से जल्द मुम्बई पहोंचना चाहते थे और देखते ही देखते अरब सागर वाली मुम्बई जनसागर से भर गयी!!! कौन था ये शख्स??? जिसके अंतिम दर्शन की लालसा मे जन...